दिल्ली, मुंबई, यूपी और हरियाणा में हाई अलर्ट; जांच एजेंसियाँ सक्रिय
नई दिल्ली: देश की राजधानी में सोमवार की शाम एक भयावह विस्फोट से दहल उठी, जब ऐतिहासिक लाल किले से कुछ ही दूरी पर खड़ी एक कार अचानक धमाके के साथ फट गई। इस घटना ने न केवल आसपास के इलाके को हिला दिया, बल्कि पूरे देश में सुरक्षा चिंताओं की लहर तेजी से फैल गई। इस हमले में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हैं। घायलों में कुछ की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में जारी है।
धमाके का स्थान और स्थिति
घटना चाँदनी चौक और लाल किले के बीच के busy क्षेत्र में हुई। यह इलाका न केवल पुरानी दिल्ली का व्यापारिक केंद्र है, बल्कि पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से हमेशा भरा रहता है। इस वजह से विस्फोट का प्रभाव कई गुना अधिक गंभीर हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आस-पास की दुकानों और वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले चारों ओर धुआँ फैल गया, घायल चीखते नज़र आए और सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए घायलों को तुरंत सड़क किनारे सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और पानी पिलाने की कोशिश की।
मौके पर राहत दलों की त्वरित कार्रवाई
धमाके की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस टीमें तेजी से घटनास्थल पर पहुँचीं। पूरा क्षेत्र तुरंत बैरिकेड कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर भेज दिया गया।
बम निरोधक दस्ते ने मौके की जाँच की और आसपास के वाहनों को भी सुरक्षा की दृष्टि से हटाया गया, क्योंकि यह आशंका थी कि कहीं किसी और वाहन में भी विस्फोटक न रखा गया हो।
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से कार के धातु टुकड़े, बैटरी सर्किट, टाइमर उपकरण और विस्फोटक रसायन के नमूने इकट्ठे किए। इससे यह लगभग स्पष्ट है कि यह विस्फोट साधारण नहीं, बल्कि सुनियोजित और अच्छी तरह से तैयार किया गया हमला था।
सुरक्षा एजेंसियों ने माना आतंकवादी साजिश
जाँच एजेंसियों का कहना है कि विस्फोट की प्रकृति, कार की स्थिति और धमाके के समय को देखते हुए यह आतंकी हमला होने की आशंका बेहद मजबूत है।
लाल किला केवल एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रतीक महत्ता रखने वाला स्थान है— जहाँ हर साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। ऐसे स्थल के पास हमला होना एक संदेश देने वाली कार्रवाई माना जा रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के शब्दों में:
“यह हमला किसी साधारण अपराधी प्रवृत्ति का परिणाम नहीं लगता। इसमें योजना, संसाधन और लक्ष्य की स्पष्टता दिखाई देती है।”
चार राज्यों में हाई अलर्ट घोषित
विस्फोट के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हाई अलर्ट जारी कर दिया।
- हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा कड़ी
- धार्मिक स्थलों और बाजारों में अतिरिक्त पुलिस तैनात
- सभी बॉर्डर और टोल नाकों पर गाड़ियों की सख्त जाँच
- बड़े शहरों में संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन निगरानी बढ़ाई गई
खुफिया ब्यूरो (IB) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी सक्रिय कर दी गई हैं ताकि हमले के पीछे की नेटवर्क और व्यक्ति की पहचान की जा सके।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थिति से अवगत कराया गया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल बातचीत कर राहत कार्यों और सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की।
सरकार ने स्पष्ट कहा है कि जाँच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता पर भी विचार होना शुरू कर दिया है।
लोगों में डर और गुस्सा दोनों
“Red Fort Car Bomb Blast” धमाके की खबर फैलते ही सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर घटनाक्रम की लाइव कवरेज शुरू हो गई।
दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, पूरे देश में लोग चिंता और आक्रोश दोनों महसूस कर रहे हैं।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा चूक कैसे हुई।
जाँच का मुख्य फोकस
अब जाँच एजेंसियाँ कई प्रमुख पहलुओं पर ध्यान दे रही हैं:
| सवाल | उद्देश्य |
|---|---|
| कार किसकी थी? | स्वामित्व और संभावित लीक |
| विस्फोटक कहाँ से लाया गया? | नेटवर्क की पहचान |
| घटना के पहले और बाद की CCTV फुटेज | संदिग्धों की सक्रियता |
| मोबाइल और सिम कार्ड डेटा | संचार और निर्देश |
जांच टीमें यह भी देख रही हैं कि क्या हाल के हफ्तों में सीमा-पार या देश के अंदर सक्रिय किसी आतंकी संगठन ने इसके संकेत दिए थे।








