झुंझुनूं में पार्किंग विवाद से बढ़ा तनाव: पड़ोसियों ने परिवार पर किया हमला, मंगलसूत्र और झुमके लूटे

Parking dispute escalates tension in Jhunjhunu: Neighbors attack family, steal mangalsutra and earrings

झुंझुनूं शहर के रिको क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच मामूली पार्किंग विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। घटना में स्थानीय दुकानदार नरेश कुमार, उनकी पत्नी और बच्चों पर पड़ोस में रहने वाले एक परिवार ने हमला कर दिया। यह झगड़ा न केवल हाथापाई तक पहुंचा बल्कि हमलावरों पर मंगलसूत्र और झुमके लूटने का भी आरोप है। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसे लेकर इलाके में काफी आक्रोश है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

नरेश कुमार अपनी दुकान के बाहर बैठे थे, जब एक कार आकर दुकान के ठीक सामने इस तरह खड़ी कर दी गई कि सीढ़ियों और दुकान का रास्ता लगभग बंद हो गया
नरेश ने शांतिपूर्वक गाड़ी हटाने को कहा। ड्राइवर ने बिना विवाद गाड़ी आगे कर दी।

लेकिन इसी बीच वहीं रहने वाले धरमराज (धनराज) और उनकी पत्नी माया मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ड्राइवर को गाड़ी फिर उसी स्थान पर खड़ी करने को कहा।
उन्होंने नरेश से बहस करते हुए कहा कि “ये सड़क तुम्हारे बाप की नहीं है।”

बातचीत धीरे-धीरे गाली-गलौज और धमकियों तक पहुंच गई।

पहले से चल रहा था तनाव

नरेश कुमार का कहना है कि वह पिछले चार वर्षों से इस इलाके में रहते हैं और यह विवाद पहली बार नहीं हुआ है।
उनके अनुसार, पड़ोसियों का रवैया पहले से ही असहयोगात्मक और झगड़ालू रहा है।
नरेश का दावा है कि कई बार समझदारी से बात कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन इस बार स्थिति काबू से बाहर हो गई।

जाति और कानून का दुरुपयोग करने की धमकी का आरोप

नरेश और उनकी पत्नी पूनम ने बताया कि पड़ोसी अक्सर उन्हें धमकाते हैं कि वे एससी-एसटी एक्ट लगाकर उन्हें फंसवा देंगे।
नरेश के अनुसार, धनराज खुद को वकील बताकर यह दावा करते हैं कि “हम पर कोई हाथ नहीं डाल सकता।”

नरेश की पत्नी और आसपास की महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कभी जातिगत टिप्पणी नहीं की और कानून का गलत इस्तेमाल करके डरा-धमकाना गलत है।

हमला दुकान के अंदर तक पहुंचा

झगड़े के दौरान माया और उनके परिवार के सदस्यों ने नरेश की दुकान में घुसकर हमला किया।
नरेश ने बताया कि उन्होंने महिला को हाथ नहीं लगाया क्योंकि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं।
उसी दौरान उनकी बेटी ने साहस दिखाते हुए दरवाजा बंद किया और पिता को दुकान के अंदर ले गई, ताकि स्थिति और न बिगड़े।

लेकिन नरेश की पत्नी पूनम, जो उस समय शादी में जाने के लिए तैयार थीं, हमला रोकते हुए बीच में आ गईं।

मंगलसूत्र और झुमके छीन लिए

हंगामे के दौरान पूनम के कपड़े खींचे गए और उनके गले से मंगलसूत्र जोर से खींचकर छीन लिया गया।
इसके अलावा उनसे कान के झुमके भी नोच लिए गए, जिससे उनके कान तक घायल हो गए।
यह न केवल आर्थिक, बल्कि भावनात्मक नुकसान भी है, क्योंकि मंगलसूत्र भारतीय परिवारों में विवाह का पवित्र प्रतीक माना जाता है।

पुलिस कार्रवाई और समुदाय का साथ

Jhunjhunu parking dispute घटना के बाद नरेश ने तुरंत 100 नंबर पर कॉल किया।
पुलिस पाँच मिनट के भीतर मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
FIR अगले दिन दर्ज की गई क्योंकि घटना देर रात की थी, लेकिन नरेश का कहना है कि इस दौरान पुलिस ने पूरा सहयोग दिया।

नरेश की बेटी घटना से मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुई, जिसके बाद पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन को भी सूचना दी।

आसपास के लोगों और पड़ोसियों ने नरेश के परिवार का साथ देते हुए न्याय की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे व्यवहार पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में कोई भी परिवार असुरक्षित महसूस कर सकता है।

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