झुंझुनूं।
रिश्तों की मर्यादा को शर्मसार कर देने वाला एक मामला झुंझुनूं जिले में सामने आया है, जहाँ एक युवक ने अपने ही चाचा के घर से सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने दीवार फांदकर घर में घुसने और कीमती आभूषण ले जाने की बात कबूल कर ली है। इस घटना ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है।
रात के सन्नाटे में दिया वार, परिवार को लगा करारा सदमा
जानकारी के अनुसार, चोरी की यह वारदात उस समय हुई जब परिवार के सदस्य घर से बाहर थे। घर लौटने पर जब मालिक को अलमारी खुली मिली और सोने-चांदी के कीमती गहने गायब मिले, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पहले यह शक जताया गया कि चोरी किसी बाहरी गिरोह ने की होगी, क्योंकि तरीका साफ-सुथरा और योजनाबद्ध था।
लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को इस घटना के पीछे घर के ही एक सदस्य का हाथ होने की संभावना दिखी।
दीवार फांदकर घुसा घर में
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी भतीजे ने रात के अंधेरे में घर की पिछली दीवार फांदकर प्रवेश किया, ताकि किसी को शक न हो।
उसे घर के अंदरूनी हिस्सों और अलमारी के स्थान की पूरी जानकारी थी, जिससे इस चोरी को अंजाम देना उसके लिए आसान हो गया।
यह खुलासा होते ही रिश्तेदारों में सन्नाटा और अविश्वास का माहौल बन गया। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि घर का ही कोई अपनों के भरोसे पर वार कर देगा।
पुलिस की तत्परता से चोरी के गहने बरामद
आरोपी की पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।
उसके बताने पर पुलिस ने सोने और चांदी के सभी आभूषण बरामद कर लिए, जिनमें कई कीमती जेवर शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि:
“यह मामला पारिवारिक विश्वास को चूर करने वाला है। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी।”
मकसद पर भी पुलिस की नजर
भतीजे ने यह चोरी क्यों की —
- क्या आर्थिक दिक्कतों के कारण?
- या किसी अन्य व्यक्तिगत विवाद की वजह से?
इस पहलू की जांच भी जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस घटना में किसी और की प्रेरणा या उकसाहट तो शामिल नहीं है।
समाज में चर्चा और चिंता
Jhunjhunu Nephew Theft Case इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है।
लोग इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि:
“आज कल भरोसे के रिश्ते भी सुरक्षित नहीं रह गए।”
कई लोगों ने इसे परिवारिक संस्कार और मूल्य प्रणाली के क्षरण का चिंताजनक उदाहरण बताया।









