झुंझुनूं के खेतड़ी में नकली CBI अफसर गिरफ्तार: यूनिफॉर्म और हथियार के दम पर लोगों को बनाया शिकार

झुंझुनूं के खेतड़ी में नकली CBI अफसर गिरफ्तार: यूनिफॉर्म और हथियार के दम पर लोगों को बनाया शिकार

झुंझुनूं ज़िले के खेतड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को CBI अफसर बताकर लोगों से ठगी करता था। यह व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहनकर और हथियार लेकर घूमता था। वह लोगों को डराकर पैसे ऐंठता और वीडियो बनाकर खुद को असली अफसर साबित करने की कोशिश करता था। मामला तब खुला जब एक किडनी मरीज ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

यह घटना फिर एक बार हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी सरकारी अधिकारी या एजेंसी के नाम पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान की जांच ज़रूर करनी चाहिए।

कैसे चलता था ‘नकली अफसर’ का खेल

पुलिस के अनुसार आरोपी अक्सर खुद को किसी बड़े अधिकारी के रूप में पेश करता था। वह पुलिस की वर्दी पहनता, हथियार रखता और अपने व्यवहार से लोगों में डर पैदा करता। इस डर और दिखावे का फायदा उठाकर वह भोले-भाले लोगों से पैसे वसूलता था।

उसकी चालाकी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह पीड़ितों से मिलते वक्त आत्मविश्वास से बातें करता और झूठे वादे करता, जिससे कोई उस पर शक न कर सके।

ठगी की कहानी: किडनी मरीज से ली रकम

खेतड़ी के लालू वाली बावड़ी निवासी किडनी मरीज अनिल सैनी से आरोपी ने धोखाधड़ी की शुरुआत की। अनिल सैनी जयपुर में इलाज करा रहे थे, तभी यह शख्स एक बोलेरो गाड़ी में उनके पास पहुंचा।

उसने खुद को कलेक्टर का प्रतिनिधि बताया और कहा कि “कलेक्टर साहब” उन्हें इलाज के लिए 15 लाख रुपये की मदद देने वाले हैं। इतना ही नहीं, उसने खुद की तरफ़ से 5 लाख रुपये देने का झूठा वादा भी किया और अनिल को 25 लाख रुपये का एक चेक सौंप दिया — जिस पर हस्ताक्षर भी थे।

अगले ही दिन वही व्यक्ति पुलिस की वर्दी में पहुंचा और खुद को CBI अफसर बताते हुए अनिल को धमकाने लगा। उसने डर दिखाकर उनसे 17,000 रुपये ले लिए। यहीं से अनिल और उनके परिवार को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है।

सरपंच से भी ठगी, दहशत फैलाकर ली रकम

अनिल सैनी के अलावा, आरोपी ने गांव के सरपंच को भी अपना शिकार बनाया। पुलिस की वर्दी और हथियार के दम पर उसने सरपंच से भी 7,000 रुपये ऐंठ लिए। उसकी कार्यप्रणाली एक जैसी थी — डर, रुतबा और झूठे वादों के जरिए भरोसा जीतकर ठगी करना।

कैसे खुली पोल: फर्जी चेक और वीडियो बने सबूत

ठगी का खेल तब उजागर हुआ जब अनिल सैनी के परिवार ने 25 लाख रुपये वाले चेक की सच्चाई जांचने का निर्णय लिया। बैंक में जांच कराने पर पता चला कि चेक पूरी तरह फर्जी है।

इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें आरोपी पुलिस की वर्दी में बोलेरो गाड़ी के अंदर दो लोगों के साथ दिखाई दे रहा था। उसके हाथ में पिस्टल भी थी। यह वीडियो पुलिस के लिए अहम सबूत साबित हुआ।

वहीं, जब सरपंच को भी सच्चाई का पता चला तो उन्होंने तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इन दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ शुरू की।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: रातभर चली तलाश, आरोपी गिरफ्तार

Rajasthan crime news शिकायत मिलते ही खेतड़ी थाना अधिकारी सीआई विनोद संखला ने टीम के साथ जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।

कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली और संभावित ठगी के अन्य मामलों की जांच भी शुरू कर दी है।

खुद को ऐसे बचाएं ‘नकली अफसरों’ से

इस घटना से यह साफ़ होता है कि ऐसे जालसाज़ समाज में सक्रिय हैं, जो सरकारी पदों और एजेंसियों का नाम लेकर लोगों को ठगते हैं। खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ ज़रूरी सावधानियाँ अपनाना आवश्यक है:

  • पहचान की पुष्टि करें: किसी भी व्यक्ति के सरकारी अधिकारी होने पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान पत्र की जांच करें। जरूरत पड़े तो संबंधित विभाग में फोन कर सत्यापन करें।
  • जल्दबाजी न करें: ठग अक्सर आपको जल्द निर्णय लेने के लिए दबाव डालते हैं। ऐसे में शांति से सोचें और जानकारी की पुष्टि करें।
  • तुरंत भुगतान से बचें: कोई भी सरकारी संस्था नकद भुगतान की मांग नहीं करती। यदि कोई तत्काल पैसे मांगे तो सतर्क हो जाएं।
  • असामान्य वादों पर शक करें: अगर कोई बड़ी आर्थिक सहायता या अनोखी मदद का दावा करे, तो उसकी जांच अवश्य करें।
  • शिकायत दर्ज कराएं: किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। आपकी सतर्कता दूसरों को भी ठगी से बचा सकती है।

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