कश्मीर हमले के बाद झुंझुनू में उबाल: “अब बर्दाश्त नहीं होगा आतंकवाद!”

kashmir hamale ke baad jhunjhunu mein janaakrosh

कश्मीर हमले के बाद झुंझुनू में जनआक्रोश: राष्ट्रीय सुरक्षा, धार्मिक सौहार्द और राजनीतिक जवाबदेही पर उठे सवाल

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस नृशंस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे भारत में आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी है। राजस्थान के झुंझुनू में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर आतंक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

झुंझुनू की सड़कों पर कैंडल मार्च

झुंझुनू के दरगाह रोड पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला। हर चेहरे पर गुस्सा और आंखों में आंसू थे। लोगों ने सवाल उठाया—”कब तक निर्दोषों की जान यूं ही जाती रहेगी?”

राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं

पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी इस मार्च में शामिल हुए। उन्होंने इस हमले को पूरे भारत पर हमला बताया और कहा, “यह सिर्फ कश्मीर नहीं, बल्कि पूरे देश की आत्मा पर वार है।” उन्होंने हमले की कड़ी निंदा की।

लोगों की मिलीजुली आवाजें

मार्च में शामिल आम लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी:

  • आतंकवाद की निंदा: लोगों ने इसे कायराना हरकत बताया और साफ कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। इस्लाम भी ऐसी हिंसा की इजाजत नहीं देता।”
  • देश की एकता: “हम हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सब एक हैं। भारत की एकता को कोई तोड़ नहीं सकता।”
  • सरकार से कार्रवाई की मांग: “सरकार को अब सिर्फ बयान नहीं, एक्शन दिखाना होगा। हमें सख्त कदम चाहिए, ताकि फिर कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।”

गृह मंत्री पर सवाल और इस्तीफे की मांग

गुढ़ा ने इस घटना को सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्री की विफलता बताया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद हमला हुआ, यह सीधे तौर पर गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है।

पाकिस्तान पर आरोप

लोगों ने पाकिस्तान पर आतंकियों को समर्थन देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पाकिस्तान हमेशा से कश्मीर को अस्थिर करने की साजिशें करता रहा है।

धार्मिक उकसावे की साजिश?

कुछ चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने पहले लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर हमला किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक स्थानीय ने कहा, “वे चाहते हैं कि हिंदू-मुसलमान आपस में लड़ें। मगर हम उनकी ये साजिश कभी कामयाब नहीं होने देंगे।”

भारत की ताकत पर भरोसा

मार्च में शामिल लोगों ने भारतीय सेना और सुरक्षा बलों पर पूरा भरोसा जताया। “भारत एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दुश्मन को उसके घर में घुसकर जवाब देना जानता है।”

झुंझुनू बंद का ऐलान

गुस्से से उबलते लोगों ने 26 तारीख को झुंझुनू बंद का आह्वान किया है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, शांति नहीं मिलेगी।


क्या आप भी आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं?
अपनी राय कमेंट में बताएं। देश की एकता के लिए आपकी आवाज़ ज़रूरी है!

Scroll to Top