झुंझुनूं जिले के तमकोर गांव में मंगलवार देर रात जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। गांव के लोग जब बुधवार सुबह नींद से जागे, तो उन्हें अपनी सुरक्षित मानी जाने वाली दुनिया बिखरी हुई नजर आई। एक संगठित चोर गिरोह ने सुनियोजित तरीके से गांव के दस अलग-अलग घरों को निशाना बनाया और लाखों रुपये नकद व जेवरात लेकर फरार हो गया। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे गांव की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुनियोजित तरीके से दिया वार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि पूरी तरह योजना बनाकर अंजाम दिया गया अपराध प्रतीत होता है। चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए एक-एक कर घरों के ताले तोड़े। उस समय अधिकतर परिवार गहरी नींद में थे, जबकि कुछ लोग बाहर गए हुए थे। चोरों ने पूरे इत्मीनान से अलमारियां खंगालीं, संदूक तोड़े और कीमती सामान समेटकर निकल गए।
सुबह जब घरों के सदस्य उठे, तो उन्हें कमरों में बिखरा सामान, खुले ताले और खाली अलमारियां देखकर समझते देर नहीं लगी कि उनके साथ बड़ी वारदात हो चुकी है। कई घरों से सोने के गहने और बड़ी मात्रा में नकदी गायब पाई गई। कुल नुकसान का आंकलन अभी जारी है, लेकिन अनुमान है कि चोरी की रकम लाखों रुपये में है।
गांव में फैला डर और गुस्सा
एक ही रात में दस घरों में चोरी की खबर फैलते ही पूरे तमकोर गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों में डर के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी देखने को मिला। लोगों का कहना है कि इससे पहले गांव में इस तरह की घटना कभी नहीं हुई थी।
एक पीड़ित ग्रामीण ने कहा,
“हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे गांव में एक ही रात में इतनी बड़ी चोरी हो सकती है। इससे साफ है कि चोरों को किसी का डर नहीं रहा।”
ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना सिर्फ पैसों की चोरी नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और विश्वास पर सीधा हमला है। कई लोगों ने खुलेआम यह सवाल उठाया कि रात के समय पुलिस गश्त और निगरानी आखिर कहां थी।
पुलिस मौके पर, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बुधवार सुबह गांव पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से बातचीत की और घटनास्थलों का मुआयना किया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो घरों से उंगलियों के निशान और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस ने बताया कि हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि किसी संदिग्ध वाहन या गतिविधि का पता लगाया जा सके। हालांकि, बुधवार दोपहर तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और इलाके में रात की गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ग्रामीण सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह सामूहिक चोरी की घटना ग्रामीण इलाकों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा करती है। अक्सर यह माना जाता है कि गांव अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं, लेकिन तमकोर की यह घटना इस धारणा को तोड़ती नजर आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं। कई लोगों ने गांव में रात्री चौकीदार व्यवस्था, बेहतर स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक निगरानी की मांग की है।
उम्मीद और इंतजार
10 houses burgled in one night फिलहाल तमकोर गांव के लोग अपने टूटे ताले और बिखरे सामान को समेटते हुए इस उम्मीद में हैं कि पुलिस जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार करेगी और उनका खोया हुआ सामान बरामद होगा। साथ ही, वे चाहते हैं कि इस घटना के बाद प्रशासन सबक ले और गांव की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए।









