झुंझुनूं, राजस्थान।
सोमवार शाम करीब 5 बजे शहर के शहीद स्मारक क्षेत्र के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। खेतड़ी निवासी सोनू (उम्र 24 वर्ष) अपनी बाइक से वापस घर की ओर जा रहा था। उसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रोले ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोनू बाइक से उछलकर सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक स्थिति विकट हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसा कैसे हुआ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर सामान्य ट्रैफिक था और सोनू अपनी बाइक को सामान्य गति से चला रहा था। तभी पीछे से तेज स्पीड में आ रहा एक बड़ा ट्रोला अचानक बाइक में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सोनू सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के साथ सड़क पर गिर पड़ा। ट्रक चालक ने वाहन नहीं रोका और मौके से भाग निकला।
लोगों का कहना है कि ट्रक चालक शायद या तो मोबाइल चला रहा था या तेज गति में वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाया। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को तुरंत सूचना दी।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और दुख
घटना की खबर जैसे ही फैली, सोनू के परिजन और उसके जानकार अस्पताल पहुंचे जहाँ माहौल शोक से भर गया। सोनू अपने परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि शहीद स्मारक के आसपास का इलाका भीड़-भाड़ वाला है, यहाँ भारी वाहनों की गति नियंत्रित होनी चाहिए।
कई राहगीरों ने यह भी कहा कि इस मार्ग पर पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं, पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था में अब तक कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला।
पुलिस कार्रवाई
झुंझुनूं पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। सोनू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस ने ट्रॉले और चालक की पहचान के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि:
“वाहन चालक की पहचान जल्द की जाएगी और उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
फिलहाल चालक फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
सोनू की मौत के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है। 24 साल की उम्र में उसके इस तरह अचानक चले जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है। बताया जाता है कि सोनू मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहयोग कर रहा था।
परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से यह मांग की कि दोषी चालक पर सख्त कार्रवाई हो और सड़क सुरक्षा संबंधी इंतज़ामों में सुधार लाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार पर ऐसी त्रासदी न टूटे।
सड़क सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता
यह हादसा एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि:
- तेज रफ्तार वाहन
- अनियंत्रित भारी वाहन
- और लापरवाह ड्राइविंग
किस तरह लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। विशेषकर शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था के सख्त पालन की अत्यंत आवश्यकता है।









